1) हनुमान जी के कंधे पर लगा सिंदूर का तिलक करें। नजर दोष से प्रभावित व्यक्ति मंदिर नहीं जाता पाता है तो कोई भी व्यक्ति हनुमान जी के कंधे पर लगा संदूर लाकर पीड़ित व्यक्ति को लगाए तो इससे भी लाभ मिलता है।
2) अगर आप पान खाते हैं तो पान में गुलाब की 7 पंखुड़ियों को डालकर अपने इष्ट देव का ध्यान करते हुए पान खाएं। इससे नजर दोष दूर होता है और आपके अंदर सकारात्मक उर्जा का संचार बढ़ जाता है।
3) कोई व्यक्ति नजर दोष से पीड़ित है तो कच्चा दूध पीड़ित व्यक्ति के ऊपर से सात बार घुमाकर कुत्ते को पिला दें। यह काम शनिवार को करना चाहिए।
4) सात लाल मिर्च, एक चम्मच राई, एक कागज़ में रख कर (7 / 11 / 21 ) बार उसार कर गैस पर रख जला दे. गैस के निचे एक बड़ा कागज़ पहले से ही रख दे ताकि जब कागज जलने के बाद राख उसमे आ गिरे. राख को इकट्ठा कर निचे वाले कागज में समेत कर बाहर फेक दे.
5) पीड़ित व्यक्ति 2 लोंग लेवे अपने ऊपर से 11 बार उसार कर चोराहे पर फ़ेंक दे और पीछे मुड़कर ना देखे. सात दिनों तक लगातार ये उपाय करे.
6) सरसों के तेल में रुई की बत्ती को भिगो कर रख ले. बच्चे को सामने बिठा कर घडी की विपरीत दिशा में सात, ग्यारह या इक्कीस बार घुमा जला दे.
7)एक साबूत नींबू के उपर काली स्याही से 307 लिख दें और उस व्यक्ति के उपर उल्टी तरफ से 7 बार उतारें। इसके पश्चात उसी नींबू को चार भागों में इस प्रकार से काटें कि वह नीचें से जुड़े रहें। और फिर उसी नींबू को घर से बाहर किसी निर्जन स्थान पा फेंक दें। यह उपाय करने से पीडि़त व्यक्ति शीघ्र ही स्वस्थ्य हो जायेगा।
बालको को नजर लग जाने, किसी के भूत बाधाग्रस्त होने अथवा बीमार हो जाने पर झाड-फूंक के साथ ही उतारे भी किए जाते हैं। कोई भी उतारा सर से पैर की ओर सात बार उतारा जाता है। इस उतारे के करने से वह बीमारी अथवा दुष्ट आत्मा उस मिठाई के टुकडे पर आ जाती है और इस उतारे को घर से दूर रख आने पर उसके साथ ही घर से बाहर चली जाती है।
रविवार : इतवार के रोज यदि उतारा करना हो, तो बर्फी से उतारा करे बर्फी गाय को खिला देनी चाहिए।
सोमवार : सोमवार के रोज भी यदि उतारा करना हो, तो उस रोज भी बर्फी के टुकडे से उतारा करके गाय को ही खिलाना चाहिए।
मंगलवार : यदि मंगल के रोज उतारा करने की आवश्यकता पडे, तो उस रोज मोतीचूर के लड्डू से उतारा करना चाहिए और उसे कुत्ते को डालना चाहिए।
बुधवार : बुधवार के रोज यदि उतारा करना हो, तो उस दिन इमरती अथवा मोतीचूर के लड्डू से उतारा करना चाहिए और उसे कुत्ते को डालना चाहिए।
गुरूवार : बृहस्पतिवार के रोज शाम के समय पांच मिठाइयां एक दोने में रखकर उताररा करना चाहिए। उतारा करके उसमें धूपबत्ती और छोटी इलायची रखकर पीपल के पेड की जड में पश्चिम दिशा में रखकर लौट आना चाहिए। उतारा करके आते समय पलटकर नहीं देखना चहिए और न ही रास्ते में किसी से बोलना चाहिए। घर आकर हाथ-पैर धोने के बाद कोई कार्य करना चाहिए।
शुक्रवार : शुक्रवार को यदि उतारा करना हो, तो शाम के समय मोतीचूर के लड्डृ से ही उतारा करके उसे कुत्ते को डालना चाहिए।
शनिवार : शनिवार के दिन इमरती और मोतीचूर के लड्डू से उतार किया जाता है। यदि शनिवार के दिन काला कुत्ता मिले और उसे इमरती डाली जाए तो बहुत अच्छा होता है।
2) अगर आप पान खाते हैं तो पान में गुलाब की 7 पंखुड़ियों को डालकर अपने इष्ट देव का ध्यान करते हुए पान खाएं। इससे नजर दोष दूर होता है और आपके अंदर सकारात्मक उर्जा का संचार बढ़ जाता है।
3) कोई व्यक्ति नजर दोष से पीड़ित है तो कच्चा दूध पीड़ित व्यक्ति के ऊपर से सात बार घुमाकर कुत्ते को पिला दें। यह काम शनिवार को करना चाहिए।
4) सात लाल मिर्च, एक चम्मच राई, एक कागज़ में रख कर (7 / 11 / 21 ) बार उसार कर गैस पर रख जला दे. गैस के निचे एक बड़ा कागज़ पहले से ही रख दे ताकि जब कागज जलने के बाद राख उसमे आ गिरे. राख को इकट्ठा कर निचे वाले कागज में समेत कर बाहर फेक दे.
5) पीड़ित व्यक्ति 2 लोंग लेवे अपने ऊपर से 11 बार उसार कर चोराहे पर फ़ेंक दे और पीछे मुड़कर ना देखे. सात दिनों तक लगातार ये उपाय करे.
6) सरसों के तेल में रुई की बत्ती को भिगो कर रख ले. बच्चे को सामने बिठा कर घडी की विपरीत दिशा में सात, ग्यारह या इक्कीस बार घुमा जला दे.
7)एक साबूत नींबू के उपर काली स्याही से 307 लिख दें और उस व्यक्ति के उपर उल्टी तरफ से 7 बार उतारें। इसके पश्चात उसी नींबू को चार भागों में इस प्रकार से काटें कि वह नीचें से जुड़े रहें। और फिर उसी नींबू को घर से बाहर किसी निर्जन स्थान पा फेंक दें। यह उपाय करने से पीडि़त व्यक्ति शीघ्र ही स्वस्थ्य हो जायेगा।
बालको को नजर लग जाने, किसी के भूत बाधाग्रस्त होने अथवा बीमार हो जाने पर झाड-फूंक के साथ ही उतारे भी किए जाते हैं। कोई भी उतारा सर से पैर की ओर सात बार उतारा जाता है। इस उतारे के करने से वह बीमारी अथवा दुष्ट आत्मा उस मिठाई के टुकडे पर आ जाती है और इस उतारे को घर से दूर रख आने पर उसके साथ ही घर से बाहर चली जाती है।
रविवार : इतवार के रोज यदि उतारा करना हो, तो बर्फी से उतारा करे बर्फी गाय को खिला देनी चाहिए।
सोमवार : सोमवार के रोज भी यदि उतारा करना हो, तो उस रोज भी बर्फी के टुकडे से उतारा करके गाय को ही खिलाना चाहिए।
मंगलवार : यदि मंगल के रोज उतारा करने की आवश्यकता पडे, तो उस रोज मोतीचूर के लड्डू से उतारा करना चाहिए और उसे कुत्ते को डालना चाहिए।
बुधवार : बुधवार के रोज यदि उतारा करना हो, तो उस दिन इमरती अथवा मोतीचूर के लड्डू से उतारा करना चाहिए और उसे कुत्ते को डालना चाहिए।
गुरूवार : बृहस्पतिवार के रोज शाम के समय पांच मिठाइयां एक दोने में रखकर उताररा करना चाहिए। उतारा करके उसमें धूपबत्ती और छोटी इलायची रखकर पीपल के पेड की जड में पश्चिम दिशा में रखकर लौट आना चाहिए। उतारा करके आते समय पलटकर नहीं देखना चहिए और न ही रास्ते में किसी से बोलना चाहिए। घर आकर हाथ-पैर धोने के बाद कोई कार्य करना चाहिए।
शुक्रवार : शुक्रवार को यदि उतारा करना हो, तो शाम के समय मोतीचूर के लड्डृ से ही उतारा करके उसे कुत्ते को डालना चाहिए।
शनिवार : शनिवार के दिन इमरती और मोतीचूर के लड्डू से उतार किया जाता है। यदि शनिवार के दिन काला कुत्ता मिले और उसे इमरती डाली जाए तो बहुत अच्छा होता है।
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