पान के हरे पत्ते पर चंदन और केसर का पाउडर लगाकर दुर्गा माता की मूर्ति/तस्वीर के सामने रखें तथा चंडी स्त्रोत का पाठ करें। पाठ के बाद चंदन और केसर के मिश्रण से माथे पर तिलक लगाएं और पति के सामने जाएं। यदि पति न हो, तो उसके फोटो के सामने जाएं। उस पत्ते को एक जगह संभाल कर रख दें। 43वें दिन सभी एकत्रित पत्तों को जल में प्रवाहित कर दें। आपका पति पूर्णत: आपके वश में रहेगा।
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पलाश का महत्व :- importance of Palash :- Butea Monosperma Spiritual benefit
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