बुध्वार शाम को एक नर एक मादा तोता लेकर, कहे कि हे तोता जैसे हम तुम्हे आजाद कर रहे है उस तरह आप हमे भी बन्ध् नो से आजाद करे हमारी पढाई में जो बाधा हो वह दूर हो जाये हमारे घर में सुख शांति रहे फ़िर दोनो तोते को अप ने हाथो से आजाद कर दे
चांदी का चौकोर टुकड़ा हमेशा अपने पास रखें। बुधवार को लाल कपड़े की थैली में सौंफ भरकर तकिए के नीचे रखें, साथ ही रविवार को तांबे का सिक्का सफेद या लाल धागे में गले में धारण करें। अच्छे सकारात्मक परिणाम के लिए सूर्यास्त के बाद रात्रि में दूध न लें। दिन में दूध-दही पनीर ले सकते हैं। दही व पनीर रात्रि को भी ले सकते हैं, पर दूध नहीं।
बच्चों का पढ़ाई में मन न लगता हो टोटका करें-
शुक्ल पक्ष के पहले बृहस्पतिवार को सूर्यास्त से ठीक आधा घंटा पहले बड़ के पत्ते पर पांच अलग-अलग प्रकार की मिठाईयां तथा दो छोटी इलायची पीपल के वृक्ष के नीचे श्रद्धा भाव से रखें और अपनी शिक्षा के प्रति कामना करें। पीछे मुड़कर न देखें, सीधे अपने घर आ जाएं। इस प्रकार बिना क्रम टूटे तीन बृहस्पतिवार करें। यह उपाय माता-पिता भी अपने बच्चे के लिये कर सकते हैं।
बच्चे की स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए: शनिवार को रात बारह बजे बच्चे की शिखा के स्थान पर से चार बाल काटकर एक पुड़िया में रख लें, ऐसे शनिवार से अगले शनिवार तक करें, फिर रविवार के दिन इन सभी बालों को इकट्ठा कर चैखट पर रखकर जला दें और पैर की एड़ी से रगड़ दें। ये क्रिया बच्चे की मां करे तो ज्यादा अच्छा, इससे बच्चे की स्मरण शक्ति कुशाग्र हो जाएगी। साथ ही बच्चे से इस मंत्र का जप भी 21 बार नित्य करवाते रहें। ऊँ ह्रीं ऐं सरस्वत्यै नमः।
चांदी का चौकोर टुकड़ा हमेशा अपने पास रखें। बुधवार को लाल कपड़े की थैली में सौंफ भरकर तकिए के नीचे रखें, साथ ही रविवार को तांबे का सिक्का सफेद या लाल धागे में गले में धारण करें। अच्छे सकारात्मक परिणाम के लिए सूर्यास्त के बाद रात्रि में दूध न लें। दिन में दूध-दही पनीर ले सकते हैं। दही व पनीर रात्रि को भी ले सकते हैं, पर दूध नहीं।
बच्चों का पढ़ाई में मन न लगता हो टोटका करें-
शुक्ल पक्ष के पहले बृहस्पतिवार को सूर्यास्त से ठीक आधा घंटा पहले बड़ के पत्ते पर पांच अलग-अलग प्रकार की मिठाईयां तथा दो छोटी इलायची पीपल के वृक्ष के नीचे श्रद्धा भाव से रखें और अपनी शिक्षा के प्रति कामना करें। पीछे मुड़कर न देखें, सीधे अपने घर आ जाएं। इस प्रकार बिना क्रम टूटे तीन बृहस्पतिवार करें। यह उपाय माता-पिता भी अपने बच्चे के लिये कर सकते हैं।
बच्चे की स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए: शनिवार को रात बारह बजे बच्चे की शिखा के स्थान पर से चार बाल काटकर एक पुड़िया में रख लें, ऐसे शनिवार से अगले शनिवार तक करें, फिर रविवार के दिन इन सभी बालों को इकट्ठा कर चैखट पर रखकर जला दें और पैर की एड़ी से रगड़ दें। ये क्रिया बच्चे की मां करे तो ज्यादा अच्छा, इससे बच्चे की स्मरण शक्ति कुशाग्र हो जाएगी। साथ ही बच्चे से इस मंत्र का जप भी 21 बार नित्य करवाते रहें। ऊँ ह्रीं ऐं सरस्वत्यै नमः।
No comments:
Post a Comment