संक्रांति के दिन, सफेद तिल और थोड़ा गुड़ लें. सूर्यास्त के समय एक मिट्टी के कुल्हड़ में डालकर उस कुल्हड़ को पीपल के एक स्वयं गिरे हुये पत्ते से ढक लें. फिर किसी आक के पौधे की जड़ में रख आएं. आते समय पीछे मुड़कर न देखें. घर में आकर स्नान जरूर कर लें. नहाने के पानी में थोड़ा सा शुद्ध केसर मिला लें.यह प्रयोग अपने गुरू का आशीर्वाद लेकर करें ताकि जल्दी सफलता मिले.
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पलाश का महत्व :- importance of Palash :- Butea Monosperma Spiritual benefit
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