1)एक पानी भरे घड़े में राई के पत्ते डालकर इस जल को अभिमंत्रित करके जिस भी किसी व्यक्ति को स्नान कराया जाएगा उसकी दरिद्रता रोग नष्ट हो जाते हैं।
2)रविवार की रात को सोते समय 1 गिलास में दूध भरकर अपने सिर के पास रख. सुबह उठने के बाद इस दूध को किसी बबूल के पेड़ की जड़ में डाल दें.
3)पान में गुलाब की 7 पंखुड़ियां रखकर, पान को देवी को चढ़ा दें , धन की प्राप्ति होगी.
4)गुलाब के फूल में कपूर का टुकड़ा रखें, शाम के समय फूल में एक कपूर जला दें और फूल को देवी को चढ़ा दें .
5)नवरात्र की षष्ठी तिथि को शाम के समय बेल के पेड़ के जड़ पर मिट्टी, इत्र, पत्थर और दही चढ़ा दें और अगले दिन सुबह के समय बेल के पेड़ से एक छोटी टहनी तोड़ कर घर ले आयें और उसे अपनी तिजोरी में रख दें.
6)प्रत्येक पूर्णिमा पर प्रात: 10 बजे पीपल वृक्ष पर माँ लक्ष्मी का फेरा लगता है। इसलिए जो व्यक्ति आर्थिक रूप से परेशान हो, वो इस समय पीपल के वृक्ष के पास जाये, उसका पूजन करें, जल चढ़ाये और लक्ष्मी जी की उपासना करे और कम-से-कम कोई भी एक लक्ष्मी मंत्र की एक माला करके आये।
7)किसी भी शुभ मुहूर्त या अक्षय तृतीया या पूर्णिमा या दीपावली या किसी अन्य मुहूर्त में सुबह जल्दी उठें। सभी आवश्यक कार्यों से निवृत्त होकर लाल रेशमी कपड़ा लें। अब उस लाल कपड़े में चावल के 21 दानें रखें। ध्यान रहें चावल के सभी 21 दानें पूरी तरह से अखंडित होना चाहिए यानि कोई टूटा हुआ दान न रखें। उन दानों को कपड़े में बांध लें। इसके बाद धन की देवी माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजन करें। पूजा में यह लाल कपड़े में बंधे चावल भी रखें। पूजन के बाद यह लाल कपड़े में बंधे चावल अपने पर्स में छुपाकर रख लें।
8)पर्स में चाबियां नहीं रखनी.
9) श्रावण मास के किसी शुक्रवार को 1KG चावल भगवान शिव मंदिर ले जाएं। अब अपने दोनों हाथों में जितने चावल आ जाएं उतने शिवजी को अर्पण कर दें और भगवान शिव से धन प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। जितने अक्षत के दानें शिवजी को अर्पण किए जाते हैं, उसका उतने ही हजार गुना फल मिलता है। अब बचा हुआ चावल गरीबों में बांट दें। यह धन प्राप्ति का अचूक उपाय है।
10) दीपावली की शाम दीप जालने के बाद तिजोरी अथवा जहां भी आप धन रखते हैं वहां उल्लू की एक तस्वीर लगाएं। पूरे साल आर्थिक लाभ के अवसर मिलते रहेंगे।
11) काली मिर्च के 5 दाने अपने सिर पर से 7 बार उतारकर 4 दाने चारों दिशाओं में फेंक दें तथा पांचवें दाने को आकाश की ओर उछाल दें। यह टोटका करने से आकस्मिक धन लाभ होगा।
12)अचानक धन प्राप्ति के लिए सोमवार के दिन श्मशान में स्थित महादेव मंदिर जाकर दूध में शुद्ध शहद मिलाकर चढ़ाएं।
13) Figures plant / calotropis gigantea tree- आंकड़े का पौधा :- आंकड़े के फूल शिवलिंग पर चढ़ाने से सभी मनोकामना एं पूर्ण हो जाती हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। आंकड़े पौधा मुख्यद्वार पर या घर के सामने हो तो बहुत शुभ माना जाता है। इसके फूल सामान्यत: सफेद रंग के होते हैं। विद्वानों केअनुसार कुछ पुराने आंकड़ों की जड़ में श्रीगणेश की प्रतिकृति निर्मित हो जाती है जो किसा धक को चमत्कारी लाभ प्रदान करती है। ज्योतिष के अनुसार जिस घर के सामने या मुख्यद्वार के समीप आंकड़े का पौधा होता है उस घर पर कभी भी किसी नकारात्मक शक्ति का प्रभाव नहीं पड़ता है।इसके अलावा वहां रहने वाले लोगों को तांत्रिक बाधाएं कभी नहीं सताती ।घर के आस पास सकारात्मक और पवित्र वातावरण बना रहता है जो कि हमें सुख-समृद्धि और धन प्रदान करता है ।
14) प्रतिदिन गणेशजी की विधिवत पूजा करें और किसी भी शुभमुहूर्त में विशेष पूजा करें।पूजन में गणेश जी के प्रतीक स्वरूप सुपारी (Areca nut ) रखी जाती है।यही सुपारी पूजा पूर्ण होने के बाद अपनी तिजोरी में रख दें ।
2)रविवार की रात को सोते समय 1 गिलास में दूध भरकर अपने सिर के पास रख. सुबह उठने के बाद इस दूध को किसी बबूल के पेड़ की जड़ में डाल दें.
3)पान में गुलाब की 7 पंखुड़ियां रखकर, पान को देवी को चढ़ा दें , धन की प्राप्ति होगी.
4)गुलाब के फूल में कपूर का टुकड़ा रखें, शाम के समय फूल में एक कपूर जला दें और फूल को देवी को चढ़ा दें .
5)नवरात्र की षष्ठी तिथि को शाम के समय बेल के पेड़ के जड़ पर मिट्टी, इत्र, पत्थर और दही चढ़ा दें और अगले दिन सुबह के समय बेल के पेड़ से एक छोटी टहनी तोड़ कर घर ले आयें और उसे अपनी तिजोरी में रख दें.
6)प्रत्येक पूर्णिमा पर प्रात: 10 बजे पीपल वृक्ष पर माँ लक्ष्मी का फेरा लगता है। इसलिए जो व्यक्ति आर्थिक रूप से परेशान हो, वो इस समय पीपल के वृक्ष के पास जाये, उसका पूजन करें, जल चढ़ाये और लक्ष्मी जी की उपासना करे और कम-से-कम कोई भी एक लक्ष्मी मंत्र की एक माला करके आये।
7)किसी भी शुभ मुहूर्त या अक्षय तृतीया या पूर्णिमा या दीपावली या किसी अन्य मुहूर्त में सुबह जल्दी उठें। सभी आवश्यक कार्यों से निवृत्त होकर लाल रेशमी कपड़ा लें। अब उस लाल कपड़े में चावल के 21 दानें रखें। ध्यान रहें चावल के सभी 21 दानें पूरी तरह से अखंडित होना चाहिए यानि कोई टूटा हुआ दान न रखें। उन दानों को कपड़े में बांध लें। इसके बाद धन की देवी माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजन करें। पूजा में यह लाल कपड़े में बंधे चावल भी रखें। पूजन के बाद यह लाल कपड़े में बंधे चावल अपने पर्स में छुपाकर रख लें।
8)पर्स में चाबियां नहीं रखनी.
9) श्रावण मास के किसी शुक्रवार को 1KG चावल भगवान शिव मंदिर ले जाएं। अब अपने दोनों हाथों में जितने चावल आ जाएं उतने शिवजी को अर्पण कर दें और भगवान शिव से धन प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। जितने अक्षत के दानें शिवजी को अर्पण किए जाते हैं, उसका उतने ही हजार गुना फल मिलता है। अब बचा हुआ चावल गरीबों में बांट दें। यह धन प्राप्ति का अचूक उपाय है।
10) दीपावली की शाम दीप जालने के बाद तिजोरी अथवा जहां भी आप धन रखते हैं वहां उल्लू की एक तस्वीर लगाएं। पूरे साल आर्थिक लाभ के अवसर मिलते रहेंगे।
11) काली मिर्च के 5 दाने अपने सिर पर से 7 बार उतारकर 4 दाने चारों दिशाओं में फेंक दें तथा पांचवें दाने को आकाश की ओर उछाल दें। यह टोटका करने से आकस्मिक धन लाभ होगा।
12)अचानक धन प्राप्ति के लिए सोमवार के दिन श्मशान में स्थित महादेव मंदिर जाकर दूध में शुद्ध शहद मिलाकर चढ़ाएं।
13) Figures plant / calotropis gigantea tree- आंकड़े का पौधा :- आंकड़े के फूल शिवलिंग पर चढ़ाने से सभी मनोकामना एं पूर्ण हो जाती हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। आंकड़े पौधा मुख्यद्वार पर या घर के सामने हो तो बहुत शुभ माना जाता है। इसके फूल सामान्यत: सफेद रंग के होते हैं। विद्वानों केअनुसार कुछ पुराने आंकड़ों की जड़ में श्रीगणेश की प्रतिकृति निर्मित हो जाती है जो किसा धक को चमत्कारी लाभ प्रदान करती है। ज्योतिष के अनुसार जिस घर के सामने या मुख्यद्वार के समीप आंकड़े का पौधा होता है उस घर पर कभी भी किसी नकारात्मक शक्ति का प्रभाव नहीं पड़ता है।इसके अलावा वहां रहने वाले लोगों को तांत्रिक बाधाएं कभी नहीं सताती ।घर के आस पास सकारात्मक और पवित्र वातावरण बना रहता है जो कि हमें सुख-समृद्धि और धन प्रदान करता है ।
14) प्रतिदिन गणेशजी की विधिवत पूजा करें और किसी भी शुभमुहूर्त में विशेष पूजा करें।पूजन में गणेश जी के प्रतीक स्वरूप सुपारी (Areca nut ) रखी जाती है।यही सुपारी पूजा पूर्ण होने के बाद अपनी तिजोरी में रख दें ।
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